Mahadevi verma | best of mahadevi verma| महादेवी वर्मा 1907-1987

Mahadevi verma

Mahadevi verma
महादेवी वर्मा


श्रीमती महादेवी वर्मा का जन्म फर्रुखाबाद में हुआ ।उन्होंने प्रयाग विश्वविद्यालय से संस्कृत में एम.ए. किया और प्रयाग महिला विद्यापीठ की प्रधानाचार्या बनीं और आजीवन वहीं रहकर अपना जीवन व्यतीत की |
Mahadevi verma वेदना की गीतकार हैं, जिसकी अभिव्यक्ति छायावादी शैली में प्रकृति के माध्यम से हुई है । महादेवी वर्मा जी ने पुस्तके भी लिखी है ।

इनकी बहोत सारी रचनाये लोगों का हृदय जीत चुकी है ।
आज हम उनमे से एक kavita के बारे मे बताने जा रहें हैं ।
mahadevi verma poems अत्यंत सुंदर और सरल है ।

mahadevi verma poems
श्रीमती महादेवी वर्मा द्वारा बहोत ही सुंदर सुंदर poems की रचना की गई उनमे से एक काव्य हम आपको सुनाने जा रहे है । आप इन काव्यों को अपने दोस्तों के साथ शेयर भी कर सकते हैं ।
हम जो काव्य सुनाने जा रहे हैं उस काव्य का नाम है स्वप्न से किसने जगाया । यह काव्य सभी जगह प्रचलित है , बहोत ही सुंदर काव्य है आपको भी अवश्य पसन्द आएगा ।

मुझे स्वप्न से किसने जगाया ?

🌄मैं सुरभि हूं।
💐छोड़ कोमल फूल का घर,
🍁ढूंढ़ती हूं निर्झर।
🌍पूछती हूं नभ धरा से-
⛅क्या नहीं ऋतुराज आया?
🌈मैं ऋतुओं में न्यारा वसंत,
❄️मैं अग-जग का प्यारा वसंत।
🌠मेरी पगध्वनी सुन जग जागा,
💐कण-कण ने छवि मधुरस मांगा।
🌺नव जीवन का संगीत बहा,
🍂पुलकों से भर आया दिगंत।
😴मेरी स्वप्नों की निधि अनंत,
🍂🍁मैं ऋतुओं में न्यारा वसंत🍁 ||

उम्मीद करते हैं आपको mahadevi verma की यह छोटी सी कविता पसंद आई होगी । हम दिन रात मेहनत कर के आपके लिए नए शायरी , कविता संग्रह , कहानी , विशेस लेकर आते रहते है । हमारे साथ जुड़ना न भूले ।

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