गणतंत्र दिवस 2020 पर कविताएँ । Best गणतंत्र दिवस 2020 कविता ।

गणतंत्र दिवस 2020

हर साल 26 जनवरी का दिन गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है और इस गणतंत्र दिवस के लिए आज हम आपके लिए लेकर आए हैं कुछ ऐसी गणतंत्र दिवस 2020 पर कविताएं जिन्हें पढ़कर आप गर्व महसूस करेंगे आप इन कविताओं को अपने दोस्तों के साथ भी शेयर कर सकते हैं तो उस शेयर करना बिल्कुल भी मत भूलिए गा ।

गणतंत्र दिवस 2020 कविता

आप गणतंत्र दिवस के अवसर पर अपने दोस्तों को कविताएं शेयर कर सकते हैं हमारे वेबसाइट में शायरी और कविताएं गणतंत्र दिवस पर पहले से ही मौजूद है हम हमेशा रोज नई शायरी लेकर आते रहते हैं हमारे पास गणतंत्र दिवस के ऊपर शायरी गणतंत्र दिवस के ऊपर कविताएं गणतंत्र दिवस के ऊपर क्यों और भी बहुत सारी चीजें उपलब्ध है हम इमेजेस भी अपने वेबसाइट पर डालते हैं।

गणतंत्र दिवस पर कविता

|| देखो 26 जनवरी है आयी,
गणतंत्र की सौगात है लायी।
अधिकार दिये हैं इसने अनमोल,
जीवन में बढ़ सके बिन अवरोध।
हर साल 26 जनवरी को होता है वार्षिक आयोजन,
लाला किले पर होता है जब प्रधानमंत्री का भाषन,
नयी उम्मीद और नये पैगाम से,
करते है देश का अभिभादन,
अमर जवान ज्योति,
इंडिया गेट पर अर्पित करते श्रद्धा सुमन,
2 मिनट के मौन धारण से होता शहीदों को शत-शत नमन। सौगातो की सौगात है,
गणतंत्र हमारा महान है,
आकार में विशाल है,
हर सवाल का जवाब है,
संविधान इसका संचालक है,
हम सब का वो पालक है,
लोकतंत्र जिसकी पहचान है,
हम सबकी ये शान है,
गणतंत्र हमारा महान है,
गणतंत्र हमारा महान है

हमेशा की तरह इस साल भी आप 26 जनवरी का दिन खूब धूमधाम से मनाई है क्या आप अपने दोस्तों को मिठाई बांट सकते हैं अपने दोस्तों को गिफ्ट कर सकते हैं अपने दोस्तों को तिरंगा बांट सकते हैं और हमारे शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर सकते हैं।

आपके लिए हम जल्दी और भी गणतंत्र दिवस पर कविता लेकर आएंगे तब तक के लिए आप हंसते रहिए खुश रहिए और अगर आपको हमारा यह गणतंत्र दिवस पर कविता का आर्टिकल अच्छा लगा हो तो अपने दोस्तों के साथ शेयर करें और इस कविता को भी अपने दोस्तों को भेजें।

गणतंत्र दिवस 2020

रिपब्लिक डे शायरी 2020 republic day wishes

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Mahadevi verma | best of mahadevi verma| महादेवी वर्मा 1907-1987

Mahadevi verma

Mahadevi verma
महादेवी वर्मा


श्रीमती महादेवी वर्मा का जन्म फर्रुखाबाद में हुआ ।उन्होंने प्रयाग विश्वविद्यालय से संस्कृत में एम.ए. किया और प्रयाग महिला विद्यापीठ की प्रधानाचार्या बनीं और आजीवन वहीं रहकर अपना जीवन व्यतीत की |
Mahadevi verma वेदना की गीतकार हैं, जिसकी अभिव्यक्ति छायावादी शैली में प्रकृति के माध्यम से हुई है । महादेवी वर्मा जी ने पुस्तके भी लिखी है ।

इनकी बहोत सारी रचनाये लोगों का हृदय जीत चुकी है ।
आज हम उनमे से एक kavita के बारे मे बताने जा रहें हैं ।
mahadevi verma poems अत्यंत सुंदर और सरल है ।

mahadevi verma poems
श्रीमती महादेवी वर्मा द्वारा बहोत ही सुंदर सुंदर poems की रचना की गई उनमे से एक काव्य हम आपको सुनाने जा रहे है । आप इन काव्यों को अपने दोस्तों के साथ शेयर भी कर सकते हैं ।
हम जो काव्य सुनाने जा रहे हैं उस काव्य का नाम है स्वप्न से किसने जगाया । यह काव्य सभी जगह प्रचलित है , बहोत ही सुंदर काव्य है आपको भी अवश्य पसन्द आएगा ।

मुझे स्वप्न से किसने जगाया ?

🌄मैं सुरभि हूं।
💐छोड़ कोमल फूल का घर,
🍁ढूंढ़ती हूं निर्झर।
🌍पूछती हूं नभ धरा से-
⛅क्या नहीं ऋतुराज आया?
🌈मैं ऋतुओं में न्यारा वसंत,
❄️मैं अग-जग का प्यारा वसंत।
🌠मेरी पगध्वनी सुन जग जागा,
💐कण-कण ने छवि मधुरस मांगा।
🌺नव जीवन का संगीत बहा,
🍂पुलकों से भर आया दिगंत।
😴मेरी स्वप्नों की निधि अनंत,
🍂🍁मैं ऋतुओं में न्यारा वसंत🍁 ||

उम्मीद करते हैं आपको mahadevi verma की यह छोटी सी कविता पसंद आई होगी । हम दिन रात मेहनत कर के आपके लिए नए शायरी , कविता संग्रह , कहानी , विशेस लेकर आते रहते है । हमारे साथ जुड़ना न भूले ।

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